سورة At-Taubah ( The Repentance ) - الآية 86

سورة At-Taubah ( The Repentance ) - Hindi Muhammad Farooq Khan - الآية 86 عدد الآيات 129

وَإِذَآ أُنزِلَتْ سُورَةٌ أَنْ ءَامِنُوا۟ بِٱللَّهِ وَجَٰهِدُوا۟ مَعَ رَسُولِهِ ٱسْتَـْٔذَنَكَ أُو۟لُوا۟ ٱلطَّوْلِ مِنْهُمْ وَقَالُوا۟ ذَرْنَا نَكُن مَّعَ ٱلْقَٰعِدِينَ ﴿٨٦﴾
और जब कोई सूरा उतरती है कि \"अल्लाह पर ईमान लाओ और उसके रसूल के साथ होकर जिहाद करो।\" तो उनके सामर्थ्यवान लोग तुमसे छुट्टी माँगने लगते है और कहते है कि \"हमें छोड़ दो कि हम बैठनेवालों के साथ रह जाएँ।\"
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