سورة Al-A'raf (The Heights ) - الآية 203

سورة Al-A'raf (The Heights ) - Hindi Muhammad Farooq Khan - الآية 203 عدد الآيات 206

وَإِذَا لَمْ تَأْتِهِم بِـَٔايَةٍۢ قَالُوا۟ لَوْلَا ٱجْتَبَيْتَهَا ۚ قُلْ إِنَّمَآ أَتَّبِعُ مَا يُوحَىٰٓ إِلَىَّ مِن رَّبِّى ۚ هَٰذَا بَصَآئِرُ مِن رَّبِّكُمْ وَهُدًۭى وَرَحْمَةٌۭ لِّقَوْمٍۢ يُؤْمِنُونَ ﴿٢٠٣﴾
और जब तुम उनके सामने कोई निशानी नहीं लाते तो वे कहते हैं, \"तुम स्वयं कोई निशानी क्यों न छाँट लाए?\" कह दो, \"मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ जो मेरे रब की ओर से प्रकाशना की जाती है। यह तुम्हारे रब की ओर से अन्तर्दृष्टियों का प्रकाश-पुंज है, और ईमान लानेवालों के लिए मार्गदर्शन और दयालुता है।\"
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