سورة Al-Imran ( The Famiy of Imran ) - الآية 95

سورة Al-Imran ( The Famiy of Imran ) - Hindi Muhammad Farooq Khan - الآية 95 عدد الآيات 200

قُلْ صَدَقَ ٱللَّهُ ۗ فَٱتَّبِعُوا۟ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًۭا وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ ﴿٩٥﴾
कहो, \"अल्लाह ने सच कहा है; अतः इबराहीम के तरीक़े का अनुसरण करो, जो हर ओर से कटकर एक का हो गया था और मुशरिकों में से न था
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