سورة An-Nahl ( The Bees ) - الآية 116

سورة An-Nahl ( The Bees ) - Hindi Muhammad Farooq Khan - الآية 116 عدد الآيات 128

وَلَا تَقُولُوا۟ لِمَا تَصِفُ أَلْسِنَتُكُمُ ٱلْكَذِبَ هَٰذَا حَلَٰلٌۭ وَهَٰذَا حَرَامٌۭ لِّتَفْتَرُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ ۚ إِنَّ ٱلَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ لَا يُفْلِحُونَ ﴿١١٦﴾
और अपनी ज़बानों के बयान किए हुए झूठ के आधार पर यह न कहा करो, \"यह हलाल है और यह हराम है,\" ताकि इस तरह अल्लाह पर झूठ आरोपित करो। जो लोग अल्लाह से सम्बद्ध करके झूठ घड़ते है, वे कदापि सफल होनेवाले नहीं
مشاركة الموضوع