Surah Ash-Shams ( The Sun )

Surah Ash-Shams ( The Sun ) - Hindi Aya count 15

सूरज की क़सम और उसकी रौशनी की
और चाँद की जब उसके पीछे निकले
और दिन की जब उसे चमका दे
और रात की जब उसे ढाँक ले
और आसमान की और जिसने उसे बनाया
और ज़मीन की जिसने उसे बिछाया
और जान की और जिसने उसे दुरूस्त किया
फिर उसकी बदकारी और परहेज़गारी को उसे समझा दिया
(क़सम है) जिसने उस (जान) को (गनाह से) पाक रखा वह तो कामयाब हुआ
और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,
जब उनमें का एक बड़ा बदबख्त उठ खड़ा हुआ
तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा की ऊँटनी और उसके पानी पीने से तअर्रुज़ न करना
मगर उन लोगों पैग़म्बर को झुठलाया और उसकी कूँचे काट डाली तो ख़ुदा ने उनके गुनाहों सबब से उन पर अज़ाब नाज़िल किया फिर (हलाक करके) बराबर कर दिया
और उसको उनके बदले का कोई ख़ौफ तो है नहीं
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