Surah At-Taubah ( The Repentance ) - Aya 84

Surah At-Taubah ( The Repentance ) - Hindi - Aya 84 Aya count 129

وَلَا تُصَلِّ عَلَىٰٓ أَحَدٍۢ مِّنْهُم مَّاتَ أَبَدًۭا وَلَا تَقُمْ عَلَىٰ قَبْرِهِۦٓ ۖ إِنَّهُمْ كَفَرُوا۟ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَمَاتُوا۟ وَهُمْ فَٰسِقُونَ ﴿٨٤﴾
और (ऐ रसूल) उन मुनाफिक़ीन में से जो मर जाए तो कभी ना किसी पर नमाजे ज़नाज़ा पढ़ना और न उसकी क़ब्र पर (जाकर) खडे होना इन लोगों ने यक़ीनन ख़ुदा और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया और बदकारी की हालत में मर (भी) गए
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