Surah Al-Maidah ( The Table spread with Food ) - Aya 103

Surah Al-Maidah ( The Table spread with Food ) - Hindi - Aya 103 Aya count 120

مَا جَعَلَ ٱللَّهُ مِنۢ بَحِيرَةٍۢ وَلَا سَآئِبَةٍۢ وَلَا وَصِيلَةٍۢ وَلَا حَامٍۢ ۙ وَلَٰكِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ يَفْتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلْكَذِبَ ۖ وَأَكْثَرُهُمْ لَا يَعْقِلُونَ ﴿١٠٣﴾
फिर (जब बरदाश्त न हो सका तो) उसके मुन्किर हो गए ख़ुदा ने न तो कोई बहीरा (कान फटी ऊँटनी) मुक़र्रर किया है न सायवा (साँढ़) न वसीला (जुडवा बच्चे) न हाम (बुढ़ा साँढ़) मुक़र्रर किया है मगर कुफ्फ़ार ख़ुदा पर ख्वाह मा ख्वाह झूठ (मूठ) बोहतान बाँधते हैं और उनमें के अक्सर नहीं समझते
Share