Surah Ad-Dukhan ( The Smoke ) - Aya 20

Surah Ad-Dukhan ( The Smoke ) - Hindi - Aya 20 Aya count 59

وَإِنِّى عُذْتُ بِرَبِّى وَرَبِّكُمْ أَن تَرْجُمُونِ ﴿٢٠﴾
और इस बात से कि तुम मुझे संगसार करो मैं अपने और तुम्हारे परवरदिगार (ख़ुदा) की पनाह मांगता हूँ
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