Surah Az-Zumar ( The Groups ) - Aya 29

Surah Az-Zumar ( The Groups ) - Hindi - Aya 29 Aya count 75

ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًۭا رَّجُلًۭا فِيهِ شُرَكَآءُ مُتَشَٰكِسُونَ وَرَجُلًۭا سَلَمًۭا لِّرَجُلٍ هَلْ يَسْتَوِيَانِ مَثَلًا ۚ ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ۚ بَلْ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ ﴿٢٩﴾
ताकि ये लोग (समझकर) खुदा से डरे ख़ुदा ने एक मिसाल बयान की है कि एक शख्स (ग़ुलाम) है जिसमें कई झगड़ालू साझी हैं और एक ज़ालिम है कि पूरा एक शख्स का है उन दोनों की हालत यकसाँ हो सकती हैं (हरगिज़ नहीं) अल्हमदोलिल्लाह मगर उनमें अक्सर इतना भी नहीं जानते
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