Surah Az-Zumar ( The Groups ) - Aya 22

Surah Az-Zumar ( The Groups ) - Hindi - Aya 22 Aya count 75

أَفَمَن شَرَحَ ٱللَّهُ صَدْرَهُۥ لِلْإِسْلَٰمِ فَهُوَ عَلَىٰ نُورٍۢ مِّن رَّبِّهِۦ ۚ فَوَيْلٌۭ لِّلْقَٰسِيَةِ قُلُوبُهُم مِّن ذِكْرِ ٱللَّهِ ۚ أُو۟لَٰٓئِكَ فِى ضَلَٰلٍۢ مُّبِينٍ ﴿٢٢﴾
तो क्या वह शख्स जिस के सीने को खुदा ने (क़ुबूल) इस्लाम के लिए कुशादा कर दिया है तो वह अपने परवरदिगार (की हिदायत) की रौशनी पर (चलता) है मगर गुमराहों के बराबर हो सकता है अफसोस तो उन लोगों पर है जिनके दिल खुदा की याद से (ग़ाफ़िल होकर) सख्त हो गए हैं
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