Surah As-Sajdah ( The Prostration ) - Aya 16

Surah As-Sajdah ( The Prostration ) - Hindi - Aya 16 Aya count 30

تَتَجَافَىٰ جُنُوبُهُمْ عَنِ ٱلْمَضَاجِعِ يَدْعُونَ رَبَّهُمْ خَوْفًۭا وَطَمَعًۭا وَمِمَّا رَزَقْنَٰهُمْ يُنفِقُونَ ﴿١٦﴾
(रात) के वक्त उनके पहलू बिस्तरों से आशना नहीं होते और (अज़ाब के) ख़ौफ और (रहमत की) उम्मीद पर अपने परवरदिगार की इबादत करते हैं और हमने जो कुछ उन्हें अता किया है उसमें से (ख़ुदा की) राह में ख़र्च करते हैं
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