Surah Al-Imran ( The Famiy of Imran ) - Aya 141

Surah Al-Imran ( The Famiy of Imran ) - Hindi - Aya 141 Aya count 200

وَلِيُمَحِّصَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَيَمْحَقَ ٱلْكَٰفِرِينَ ﴿١٤١﴾
और ये (भी मंजूर था) कि सच्चे ईमानदारों को (साबित क़दमी की वजह से) निरा खरा अलग कर ले और नाफ़रमानों (भागने वालों) का मटियामेट कर दे
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