Surah Ash-Shuara ( The Poets ) - Aya 216

Surah Ash-Shuara ( The Poets ) - Hindi - Aya 216 Aya count 227

فَإِنْ عَصَوْكَ فَقُلْ إِنِّى بَرِىٓءٌۭ مِّمَّا تَعْمَلُونَ ﴿٢١٦﴾
(तो वाज़ेए करो) पस अगर लोग तुम्हारी नाफ़रमानी करें तो तुम (साफ साफ) कह दो कि मैं तुम्हारे करतूतों से बरी उज़ ज़िम्मा हूँ
Share