Surah Al-Anbiya ( The Prophets ) - Aya 111

Surah Al-Anbiya ( The Prophets ) - Hindi - Aya 111 Aya count 112

وَإِنْ أَدْرِى لَعَلَّهُۥ فِتْنَةٌۭ لَّكُمْ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٍۢ ﴿١١١﴾
और मैं ये भी नहीं जानता कि शायद ये (ताख़ीरे अज़ाब तुम्हारे) वास्ते इम्तिहान हो और एक मुअय्युन मुद्दत तक (तुम्हारे लिए) चैन हो
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