Surah Al-Baqarah ( The Cow ) - Aya 125

Surah Al-Baqarah ( The Cow ) - Hindi - Aya 125 Aya count 286

وَإِذْ جَعَلْنَا ٱلْبَيْتَ مَثَابَةًۭ لِّلنَّاسِ وَأَمْنًۭا وَٱتَّخِذُوا۟ مِن مَّقَامِ إِبْرَٰهِۦمَ مُصَلًّۭى ۖ وَعَهِدْنَآ إِلَىٰٓ إِبْرَٰهِۦمَ وَإِسْمَٰعِيلَ أَن طَهِّرَا بَيْتِىَ لِلطَّآئِفِينَ وَٱلْعَٰكِفِينَ وَٱلرُّكَّعِ ٱلسُّجُودِ ﴿١٢٥﴾
(ऐ रसूल वह वक्त भी याद दिलाओ) जब हमने ख़ानए काबा को लोगों के सवाब और पनाह की जगह क़रार दी और हुक्म दिया गया कि इबराहीम की (इस) जगह को नमाज़ की जगह बनाओ और इबराहीम व इसमाइल से अहद व पैमान लिया कि मेरे (उस) घर को तवाफ़ और एतक़ाफ़ और रूकू और सजदा करने वालों के वास्ते साफ सुथरा रखो
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