Surah An-Nahl ( The Bees ) - Aya 112

Surah An-Nahl ( The Bees ) - Hindi - Aya 112 Aya count 128

وَضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًۭا قَرْيَةًۭ كَانَتْ ءَامِنَةًۭ مُّطْمَئِنَّةًۭ يَأْتِيهَا رِزْقُهَا رَغَدًۭا مِّن كُلِّ مَكَانٍۢ فَكَفَرَتْ بِأَنْعُمِ ٱللَّهِ فَأَذَٰقَهَا ٱللَّهُ لِبَاسَ ٱلْجُوعِ وَٱلْخَوْفِ بِمَا كَانُوا۟ يَصْنَعُونَ ﴿١١٢﴾
और हर शख़्श को जो कुछ भी उसने किया था उसका पूरा पूरा बदला मिलेगा और उन पर किसी तरह का जुल्म न किया जाएगा ख़ुदा ने एक गाँव की मसल बयान फरमाई जिसके रहने वाले हर तरह के चैन व इत्मेनान में थे हर तरफ से बाफराग़त (बहुत ज्यादा) उनकी रोज़ी उनके पास आई थी फिर उन लोगों ने ख़ुदा की नूअमतों की नाशुक्री की तो ख़ुदा ने उनकी करतूतों की बदौलत उनको मज़ा चखा दिया
Share