Surah Ibrahim ( Abraham ) - Aya 24

Surah Ibrahim ( Abraham ) - Hindi - Aya 24 Aya count 52

أَلَمْ تَرَ كَيْفَ ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلًۭا كَلِمَةًۭ طَيِّبَةًۭ كَشَجَرَةٍۢ طَيِّبَةٍ أَصْلُهَا ثَابِتٌۭ وَفَرْعُهَا فِى ٱلسَّمَآءِ ﴿٢٤﴾
(ऐ रसूल) क्या तुमने नहीं देखा कि ख़ुदा ने अच्छी बात (मसलन कलमा तौहीद की) वैसी अच्छी मिसाल बयान की है कि (अच्छी बात) गोया एक पाकीज़ा दरख्त है कि उसकी जड़ मज़बूत है और उसकी टहनियाँ आसमान में लगी हो
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