Surah Al-'adiyat ( Those That Run )

Surah Al-'adiyat ( Those That Run ) - Hindi Aya count 11

(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम
जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं
फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं
(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं
फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं
(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है
और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है
और बेशक वह माल का सख्त हरीस है
तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे
और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे
बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा
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