ඉස්ලාමයේ පිරිමින් කාන්තාවන් භාරව සිටින්නේ ඇයි?

मर्द का औरत पर पर्यवेक्षक बनाया जाना औरत का सम्मान एवं मर्द की ज़िम्मेदारी बढ़ाना है, क्योंकि मर्द औरत की देख-भाल तथा उसकी ज़रूरतों को पूरा करता है। मुस्लिम महिलाएँ रानी की भूमिका निभाती हैं, जिसकी आशा पृथ्वी की हर महिला करती है। होशियार महिला वह है, जो वही चुनती है, जो उसे होना चाहिए। या तो एक सम्मानित रानी या सड़क पर काम करने वाली एक कामगार।

अगर हम मान लें कि कुछ मुस्लिम पुरुष इस संरक्षण का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो यह संरक्षण प्रणाली का दोष नहीं है, बल्कि इसका दुरुपयोग करने वालों का दोष है।

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